Rashtriya Pakshi Mor Essay


मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। मोर एक बहुत ही सुंदर, आकर्षक और जमीन पर रहने वाला पक्षी है। मोर को मयूर भी कहा जाता है। मोर की पंख बहुत ही आकर्षक होता हैं और मोर के पास बहुत सारे पंख होते हैं। मोर वैसे तो पंख नहीं फैलाता है लेकिन बसंत ऋतु और वर्षा ऋतु में मोर जब खुशी से नाचता है तो वह अपने सारे पंख फैला लेता है, पंख फैलाने के बाद मोर काफी सुंदर दिखता है। मोर का पंख सभी को पसंद आता है। मोर के पंख को सजावट का सामान के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। कृष्ण भगवान अपने सिर पर मोर पंख लगाते थे जो सभी लोगों को बहुत ही लुभाता है। मोर का पंख बच्चों को भी बहुत ज्यादा पसंद है, कई बच्चे मोर के पंख को अपनी किताबों में रखते हैं। पुराने जमाने में कालिदास भी मोर के पंख से लिखा करते थे।

मोर ज्यादातर जंगलों में रहता हैं और वह जमीन पर ही रहता हैं, मोर घोंसला नहीं बनाता है। मोर को सांप खाना बहुत पसंद है। मोर को देखते ही लोगों का मन खुश हो जाता है। मोर का पंख इतना सुंदर होता है कि उसका जवाब नहीं, लगता है मानो कोई बहुत बड़े कलाकार ने मोर के पंख की सजावट की है। नर मोर के कई पंख होते हैं जिसे सभी लोग पसंद करते हैं। मादा मोरनी के पंख नहीं होते हैं। बहुत सारे गहने भी मोर के पंख की तरह दिखने वाले बनाए जाते हैं। कई सारे कुर्सियों के पीठ वाला हिस्सा मोर पंख के डिजाइन में बनाया जाता है, लोगों को यह देखने में बहुत सुंदर लगता है। मोर को पक्षियों का राजा भी कहा जाता है। नर मोर के सिर पर बड़ी सी कलंगी बना होता है जो देखने में मुकुट की तरह होता है, मोर दिखने में सही में एक राजा की तरह होता है। मोर सिर्फ भारत का ही राष्ट्रीय पक्षी नहीं है, वह म्यानमार का भी राष्ट्रीय पक्षी है।

(word count: 300)

हमारा राष्ट्रीय पक्षी मोर है। मोर दिखने में बहुत सुन्दर होता है। उसके शरीर का हर एक अंग उसकी सुंदरता पर चार चाँद लगाता है।

उसका शरीर नीले रंग का होता है। और पंखों में ना जाने कितने रंग होते हैं। जैसे हरा नीला गुलाबी बैगनी।  उसके पंख बड़े -बड़े होते हैं। और जब मोर अपना पंख खोलता है तो वह और भी सुन्दर लगता है।

उसकी आँखे लम्बी और खूबसूरत होती हैं। यह कार्तिक भगवान का वाहन भी है।  यह कृष्ण भगवान का एक रूप भी है। जब मोर अपने पंख खोलता है तो वह एक अदभुत नजारा होता है।  हमारे देश में मोर रांची बिहार मथुरा वाराणसी और राजस्थान के इलाकों में ज्यादा संख्या में पाये जाते हैं। इनका शरीर बड़ा और भारी होता है।  जिसके कारण यह ज्यादा ऊंचाई तक उड़ नहीं पाते हैं।  यह दान बीज आदि खातें हैं।  कहा जाता है की यह सांप भी खाता है। मगर इनपे सांप के विष का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यह बहुत शान से राजा की तरह चलता है। इनकी खुबिंया तो बहुत हैं जिनमे से कुछ नीचे लिखा हुआ है।

यह बारिश होने का अंदाजा लगा लेता है।  उसके तन का एक बहुत महत्वपूर्ण अंग जो की पंख है। हिन्दू संस्कृति में माना जाता है की इसके पंख घर में रखने से सुख शम्पत्ति का लाभ होता है।  लोग इसके पंख को किताब में निशान के लिए प्रयोग करते हैं।

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